Wednesday, October 27, 2021

सासाराम के विकास के लिए कई अहम निर्णय , डीएम सह नगर निगम प्रशासक धर्मेंद्र कुमार ने सशक्त स्थायी समिति की बैठक किया |...

डीएम ने कहा कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विभिन्न चौक-चौराहे पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरे से शहर की हर गतिविधि पर प्रशासन की नजर रहेगी. नगर निगम की योजनाओं व नियम से लोगों को अवगत कराने के लिए एलइडी डिस्प्ले बोर्ड लगाने का निर्णय लिया गया है DM Dharmendra Kumar Nagar Nigam Prasasak decisions

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BPSC टॉपर पहुंचे गांव , बैंड बाजा के साथ हुआ स्वागत , सासाराम अनुमंडल के चमारहा में जश्न | BPSC Topper Gaurav Welcomed in...

जीटी रोड से चमरहा गांव 6 किमी दूर हैं, परंतु गांव वाले बैंडबाजा के साथ अपने गांव की शान के स्वागत के लिए जीटी रोड ही पहुंच गए थे, स्वागत करने वालों में बच्चे, बूढ़े, महिला, पुरुष और हर उम्र के लोग शामिल थे BPSC Topper Gaurav Welcomed in Village

सासाराम का लाल बना BPSC टॉपर | गौरव के पिता जी नहीं है , नानी घर रहता था | BPSC Topper Gaurav Sasaram

65वीं बीपीएससी (65th BPSC) के टॉपर गौरव सिंह बने हैं जो सासाराम के रहने वाले हैं । गौरव ने बताया कि उनके पिता जी इस दुनिया में नहीं हैं BPSC Topper Gaurav Sasaram

Tour & Travel

Rohtas

मां तुतला भवानी हैंगिंग ब्रिज का आज हुआ उद्घाटन, अब जा सकेंगे आम नागरिक ,मन्दिर भी खुल गया

आज मंगलवार 22 सितम्बर 2020 को जिला रोहतास के मां तुतला भवानी धाम में नवनिर्मित हैंगिंग ब्रिज का उद्घाटन बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के द्वारा संपन्न हुआ । वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन समारोह को संपन्न किया गया । इस मौके पर डीएफओ सहित कई कनी अधिकारी भी मौजूद रहें ।

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सासाराम के विकास के लिए कई अहम निर्णय , डीएम सह नगर निगम प्रशासक धर्मेंद्र कुमार ने सशक्त स्थायी समिति की बैठक किया |...

डीएम ने कहा कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विभिन्न चौक-चौराहे पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरे से शहर की हर गतिविधि पर प्रशासन की नजर रहेगी. नगर निगम की योजनाओं व नियम से लोगों को अवगत कराने के लिए एलइडी डिस्प्ले बोर्ड लगाने का निर्णय लिया गया है DM Dharmendra Kumar Nagar Nigam Prasasak decisions

History

ताराचण्डी धाम में 12 वीं सदी के राजा प्रताप धवल का शिलालेख । Tarachandi Shilalekh Pratap Dhaval

ताराचंडी शिलालेख देश का पहला प्रमाणिक व लिखित दस्तावेज है जिसमें राजा के अधिकारी को उत्कोच (रिश्वत) देकर जाली ताम्रपत्र जारी करा दिया गया हो | सासाराम के सोनहर गांव के दो लोगों ने राजा के अधिकारी (मंत्री ) को रिश्वत देकर ताम्रपत्र जारी करा किरहंडी व बड़ैला गांव को अपने नाम दान करा लिया है । राजा प्रताप धवल ने ताराचंडी धाम में शिलालेख लगवाकर राजा विजयचंद्र का जाली ताम्रपत्र रद्द करते हुए अपनी प्रजा और वंशजो को कई निर्देश दिए Tarachandi Shilalekh Pratap Dhaval

मार्टिन एंड कंपनी ने 1914 में आरा- सासाराम छोटी लाइन चलाया था । विक्टोरिया मेमोरियल के निर्माता राजेंद्र नाथ मुखर्जी ने सर मार्टिन के...

आरा-सासाराम लाइट रेलवे (बिहार) और बारासेट-बशीरहाट लाइट रेलवे ऑफ बंगाल (मार्टिन एंड कंपनी दोनों) की शुरुआत 1914 में हुई थी । मार्टिन एंड कंपनी भारत में लाइट रेलवे नेटवर्क चलाने में अग्रणी थी Arrah - Sasaram Martin's Light Railway

400 वर्षों तक राज करने वाले रोहतास राज परिवार के राजा प्रताप धवल ! ताराचण्डी , तुतला व तिलौथू में मिले शिलालेख | Raja...

रोहतास के खरवार राजा प्रताप धवल ने अकेले 21 सालों तक शासन किया और झारखंड का जपला इसी प्रतापी राजा महानृपति जपिल प्रताप धवल के नाम से मशहूर हुआ । मां तुतला भवानी,मां ताराचण्डी धाम और तिलौथू में राजा प्रताप धवल के शिलालेख मिले हैं - Raja Pratap Dhaval

सासाराम के लेरूआ गांव में पूर्व मध्यकालिन मूर्तियां और खंडित मंदिर अवशेष | Lerua sasaram history

लेरुआ गांव में पुर्व मध्यकालीन मंदिर के अवशेष इधर उधर बिखरे पड़े हुए हैं । इतिहासकार इन अवशेषों को देख कर बताते हैं कि अपने काल का यह प्रमुख और अति महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल रहा होगा Lerua sasaram history

सासाराम के सेनुआर उत्खनन में मिले नवपाषाण युग के सभ्यता के प्रमाण | Neolithic Civilization found at senuar exhibition site

के खुदाई में अतिप्राचीन नव पाषाणयुग के प्रमाण मिले हैं । ईपू. करीब 2200 वर्ष पहले के प्राचीन नवपाषाण काल की संस्कृति एवं मानव सभ्यता का पता चलता है । प्राचीन सेनुआर सभ्यता के लोगों द्वारा सेरामिक इन्डस्ट्री (मिट्टी के बर्तन) बैठाया गया था, इस उद्योग में तरह-तरह के मिट्टी के बर्तन बनाए जाते थे Senuar exhibition site
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Holiday Recipes

बिहार का ठेकुआ विश्वभर में प्रसिद्ध है । ऐसी पकवान दुनिया में कहीं नहीं बनाई जाति है । ग्लोबलाइजेशन के दौर में बिहार के लोग भी देश से निकल कर दुनिया भर में गए, अपने साथ बिहारी संस्कृति की खुशबू भी साथ ले गए । ठेकुआ बिहार से निकल कर ,अब यूरोप के देशों में पहुंच चुका है ।

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