Sunday, May 19, 2024
HomeSasaram3. Samay Yatraसासाराम में बिहार के एकलौते अशोक शिलालेख को बना दिया मजार, भारत...

सासाराम में बिहार के एकलौते अशोक शिलालेख को बना दिया मजार, भारत के 8 शिलालेख में से एक, 2300 वर्ष पुराना | Ashoka encryption sasaram converted in mazar

अशोक शिलालेख की घेराबंदी कर गेट में ताला जड़ दिया गया है । शिलालेख के लिखावट पर सफेद मजार के रंग वाले सफेद चूने से पोतवा दिया गया है, उस पत्थर पर हरी चादर ओढ़ाकर किन्हीं सूफी संत की मजार घोषित कर दिया गया है। सालाना उर्स का भी आयोजन हो रहा है।

अफगानिस्‍तान के बामियान के बुद्ध के आंसू तो अपने देखे ही होंगे,देखे नहीं है तो सुने होंगे । बामियान में दुनिया में बुद्ध की सबसे ऊंची प्रतिमा थी। तालिबान ने उसे विस्फोटक लगाकर उड़ा दिया था । इसी तरह इस्लामिक स्टेट ने भी इराकी पुरातत्व स्थलों को नष्ट किया।

भारत में वैसे हालात नहीं हैं, लेकिन सासाराम के चंदन पहाड़ी की गुफा में महान मौर्य सम्राट अशोक के एक शिलालेख पर मजार बना दिया गया है। आपको बताते चलें कि हिंदुस्तान में अशोक के ऐसे आठ शिलालेख हैं, जिनमें बिहार में केवल एक ही है। इस शिलालेख पर चूने से पोताई करवा चादर चढ़ाई जाती है । पोताई से लिखावट मिटने लगा है ।

चुना पुताई, चादर चढ़ाई से लेकर कजरी बाबा तक का सफर

अशोक शिलालेख चादर चढ़ाने से पहले
अशोक शिलालेख चादर चढ़ाने से पहले

जिस भारत देश से बौद्ध धर्म का प्रसार पूरे विश्व में हुआ, बुद्ध वहीं मौन हैं। उनके अनुयायी, इतिहासकार, पुराविद हतप्रभ हैं, न जाने उन्हें और कितने ‘बामियान’ देखने होंगे। अफगानिस्तान के बामियान में तो तालिबान ने पहाड़ पर बनीं बुद्ध की ऊंची मूर्तियों को विस्फोट से धराशाई कर दिया था, परंतु सासाराम में बुद्ध के संदेश की स्थापना को आस्था की आड़ में देश और दुनिया की नजरों से ओझल कर दिया गया है।

अशोक शिलालेख सासाराम
अशोक शिलालेख सासाराम

अगर सचमुच यहां कोई पीर लेटे होंगे तो वह भी कष्ट में होंगे। कोई भी महात्मा नहीं चाहेंगे कि जिस शिलालेख की पहली ही पंक्ति ‘एलेन च अंतलेन जंबुदीपसि’ यानी जंबू द्वीप भारत में सभी धर्मों के लोग सहिष्णुता से रहें, हो, उस पवित्र पत्थर पर दर्ज संदेश को ओझल कर दिया जाए।

  • WhatsApp Image 2021 04 16 at 8.07.07 PM
    Advertisement**
  • Royal Crockery Sasaram
    Advertisement**
  • WhatsApp Image 2021 04 12 at 11.39.29 PM
    Advertisement**
  • WhatsApp Image 2021 03 06 at 10.10.52 PM
    Advertisement**
  • Advertisement**
    Advertisement**
  • swadeshi Restaurant add
    Advertisement**
  • daksha
    **Advertisement
  • banner

क्या है अशोक के लघु शिलालेखोँ में ?

आपको बताते चलें कि देश में ब्राह्मी लिपि में सामाजिक और धार्मिक सौहार्द के संदेश लिखे ऐसे शिलालेख मात्र आठ हैं और बिहार में एकमात्र सासाराम का अशोक शिलालेख ।

अशोक शिलालेख को पढ़ा जा चुका है और कई भाषाओं में इसका अनुवाद उपलब्ध है । इसके बारे में और अधिक जानने के लिए हमारे इस खबर पर आपका स्वागत है देश घूमने से पहले सासाराम में बिहार का एकलौता अशोक शिलालेख घूम लिजिए

अंग्रेजों ने ही महत्व समझकर सन् 1917 में संरक्षित धरोहर घोषित कर दिया था

अशोक शिलालेख का सरकारी पत्राचार दस्तावेज
अशोक शिलालेख का सरकारी पत्राचार दस्तावेज

भारत के ज्यादातर धरोहरों की दशा आजादी के बाद बदली है । शेरशाह मकबरा की बात करें तो इसकी स्थिति 1990 के बाद बदली है । लेकिन सासाराम का अशोक शिलालेख इतना महत्वपूर्ण धरोहर है की इसे अंग्रेजों ने ही संरक्षित कर दिया था ।

Ashoka encryption sasaram
Ashoka encryption sasaram

एएसआइ की अधीक्षक गौतमी भट्टाचार्य ने बताया कि सम्राट अशोक के इस महत्वपूर्ण लघु शिलालेख को ब्रिटिश राज में वर्ष 1917 में संरक्षित किया गया था । इसे प्रारंभिक नोटिफिकेशन (संख्या: बीओ 01332 ईई, 14 सितंबर 1917) तथा अंतिम नोटिफिकेशन (संख्या: बीओ 1814 ईई एक दिसंबर 1917) के जरिए अधिग्रहित किया गया था । आपको बताते चलें कि स्वतंत्रता के बाद एएसआइ ने इस शिलालेख को वर्ष 2008 में संरक्षित स्मारक के रूप में अधिसूचित किया।

अशोक शिलालेख का सरकारी पत्राचार दस्तावेज
अशोक शिलालेख का सरकारी पत्राचार दस्तावेज

आशिकपुर चंदन गिरी पहाड़ी की चोटी से लगभग 20 फीट नीचे स्थित गुफा में स्थापित शिलालेख के पास एएसआइ ने संरक्षण संबंधी बोर्ड भी लगाया था, परंतु वर्ष 2010 में इस बोर्ड को उखाड़कर फेंक दिया गया और अतिक्रमण का कार्य निरंतर चलता रहा ।

  • WhatsApp Image 2021 04 16 at 8.07.07 PM
    Advertisement**
  • Royal Crockery Sasaram
    Advertisement**
  • WhatsApp Image 2021 04 12 at 11.39.29 PM
    Advertisement**
  • WhatsApp Image 2021 03 06 at 10.10.52 PM
    Advertisement**
  • Advertisement**
    Advertisement**
  • swadeshi Restaurant add
    Advertisement**
  • daksha
    **Advertisement
  • banner

शिलालेख पर पोता मजार का चूना, घेराबंदी कर गेट में जड़ा ताला,शाशन प्रशासन को ठेंगा दिखाकर मुहर्रम कमिटी के जी एम् अंसारी ने खुद रख लिया चाभी

डीएम ने मोहर्रम कमिटी के जीएम अंसारी से अशोक शिलालेख का चाभी जप्त करने के लिए एसडीओ को आदेश दिया था
डीएम ने मोहर्रम कमिटी के जीएम अंसारी से अशोक शिलालेख का चाभी जप्त करने के लिए एसडीओ को आदेश दिया था

 

अशोक शिलालेख की घेराबंदी कर गेट में ताला जड़ दिया गया है । शिलालेख के लिखावट पर सफेद मजार के रंग वाले सफेद चूने से पोतवा दिया गया है, उस पत्थर पर हरी चादर ओढ़ाकर किन्हीं सूफी संत की मजार घोषित कर दिया गया है। सालाना उर्स का भी आयोजन हो रहा है।

अशोक शिलालेख का सरकारी पत्राचार दस्तावेज
अशोक शिलालेख का सरकारी पत्राचार दस्तावेज

दोबारा गेट लगने के बाद वर्ष 2012 से कजरी बाबा का मजार कहना शुरू कर दिया गया । धीरे धीरे लोगों में यह प्रचारित होने लगा ।

अलेक्जैंडर कन्निघम सासाराम आकर शिलालेख देखे थें

अशोक शिलालेख का सरकारी पत्राचार दस्तावेज
अशोक शिलालेख का सरकारी पत्राचार दस्तावेज

नवंबर 1875 ई में अलेक्जैंडर कन्निघम भारत आए थे उन्होंने अपनी पुस्तक में इस शिलालेख का जिक्र किया है । कई भाषाओं में इसका अनुवाद भी किया गया है ।20 साल पहले तक सबके लिए यह शिलालेख सुलभ था । लेकिन अब सम्राट अशोक के शिलालेख पर चूना पोतकर धूमिल कर दिया गया है।

डॉ. राजेंद्र सिंह,शिक्षाविद व प्रोफेसर, SP जैन कालेज, सासाराम

WhatsApp Image 2022 10 01 at 1.59.28 PM

कई बार सरकार को पत्राचार कर दी गई जानकारी: एसपी जैन कॉलेज के हिंदी के विभागाध्यक्ष और इस इलाके पौराणिक गतिविधियों पर शोध कर रहे डॉ. राजेंद्र सिंह का कहना है कि वर्ष 2002 में ही कुछ लोगों ने उसे अतिक्रमित कर ‘कजरिया बाबा’ का मजार बना दिया। आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) के द्वारा कई बार बिहार सरकार एवं स्थानीय प्रशासन को पत्राचार किया गया लेकिन कोई भी कारगर कदम नहीं उठाया जा सका।

उपेंद्र कुशवाहा को पछाड़ कर बड़े कुशवाह नेता के रूप में उभरने वाले,नेता प्रतिपक्ष सम्राट चौधरी आज सासाराम में करेंगे प्रदर्शन

Ashoka encryption sasaram year 2008
Ashoka encryption sasaram year 2008

इसको लेकर बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सासाराम की चंदन पहाड़ी पर स्थित सम्राट अशोक के शिलालेख पर कब्जा कर मजार बना लिया गया है ।

स्थानीय नेताओं के साथ वो प्रदर्शन करेंगे और सरकार से मांग करेंगे कि जल्द से जल्द राष्ट्रीय धरोहर को मुक्त करवाया जाए नहीं तो वो अनिश्चितकालीन प्रदर्शन करेंगे ।

Subscribe to our newsletter

To be updated with all the latest news, offers and special announcements.

Sasaram Ki Galiyan
Sasaram Ki Galiyanhttps://www.sasaramkigaliyan.com
Sasaram Ki Galiyan is a Sasaram dedicated Digital Media Portal which brings you the latest updates from across Sasaram,Bihar and India.
- Advertisment -spot_img

Most Popular

error: Content is protected !!