Tarachandi Temple Closed Cov 19 : बिहार सरकार द्वारा जारी किए गए करोना गाइडलाइंस को देखते हुए आज मां ताराचण्डी धाम मन्दिर कमिटी का विशेष बैठक आयोजित हुआ । यह बैठक सासाराम के ताराचण्डी मन्दिर परिसर में ही संपन्न हुआ , बैठक में मंदिर प्रबंधन कमिटी के सदस्यों ने भाग लिया ।


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बैठक में लिया गया अहम फैसला | Tarachandi Temple Closed Cov 19

आज के बैठक में उपस्थित सदस्यों ने बिहार सरकार के करोना गाइडलाइंस को भक्तों की सुरक्षा के मद्देनजर पूर्ण रूप से पालन करने का संकल्प लिया । बैठक में ही फैसला लिया गया कि , आज से मां ताराचण्डी मन्दिर पूर्ण रूप से बंद रहेगा । अगले आदेश तक यह नियम इसी तरह से बरकरार रहेगा ।


आज के बैठक में पूर्व विधायक श्री जवाहर प्रसाद कुशवाहा, सोनू सिन्हा, महेंद्र साहू सहित अन्य कमिटी सदस्यों और मंदिर के पुजारियों ने भाग लिया ।
श्रद्धालुओं का स्वास्थ्य और सुरक्षा है महत्वपूर्ण
बैठक में सदस्यों ने श्रद्धालुओं के सुरक्षा और सरकारी आदेश के प्रति सम्मान का भाव प्रकट किया ।


कल से ही पूजा अर्चना बन्द किया गया था

मां ताराचण्डी मन्दिर कमिटी के महामंत्री श्री महेंद्र साहू जी ने 10.04.2021 से ही मंदिर में पूजा अर्चना करने पर रोक लगा दिया था । लेकिन आज के बैठक में मंदिर को पूर्ण रूप से बंद करने का फैसला किया गया ।
800 वर्षों में दूसरी बार बन्द हुआ मां ताराचण्डी धाम

मंदिर के इतिहास में ऐसा अपवाद ही हुआ है जब किसी कारण से मंदिर बन्द हुआ हो । प्रधान पुजारी उदय गिरी एवं रामलायक गिरी ने बताया कि ताराचंडी मंदिर की स्थापना का इतिहास 12वीं शताब्दी का है । मन्दिर स्थापना का इतिहास 12वीं शताब्दी का है ,तब से पिछले वर्ष तक कभी भी मां का पट बंद नहीं हुआ।

लेकिन पिछले वर्ष करोना महामारी को देखते हुए भक्तों की सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर के पट को अनिश्चितकालीन के लिए बंद करना पड़ा था ।

इस बार फिर करोना का दूसरा वेब/लहर देश में फ़ैल रहा है और सरकारी गाइडलाइंस को पालन करते हुए भक्तों की सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर को बन्द करने का निर्णय लिया गया है ।
अप्रैल 2021: कोरोना की दूसरी लहर और धार्मिक स्थलों पर पाबंदी
यह समाचार 11 अप्रैल 2021 का है। उस समय बिहार में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर को लेकर चिंता बढ़ रही थी। धार्मिक स्थलों पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती थी। इसी पृष्ठभूमि में मां ताराचण्डी धाम की मंदिर प्रबंधन कमिटी ने मंदिर बंद करने का फैसला लिया।
9 अप्रैल 2021 को बिहार में लागू पाबंदियों के संबंध में प्रकाशित समाचार के अनुसार राज्य के धार्मिक स्थलों को 30 अप्रैल तक बंद रखने का निर्णय लिया गया था। स्कूलों और कॉलेजों समेत कई गतिविधियों पर भी एहतियाती रोक लगाई गई थी। इन उपायों का उद्देश्य लोगों के बीच संपर्क कम करके संक्रमण फैलने के जोखिम को सीमित करना था।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने 23 मार्च 2021 को अप्रैल महीने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे। इनमें कोविड-अनुकूल व्यवहार का पालन करने, मास्क पहनने, सामाजिक दूरी बनाए रखने और संक्रमण की रोकथाम के उपाय लागू करने पर जोर दिया गया था। इन्हीं परिस्थितियों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर ताराचण्डी मंदिर कमिटी ने निर्णय लिया।
मां ताराचण्डी धाम का ऐतिहासिक महत्व
मां ताराचण्डी धाम सासाराम की धार्मिक आस्था के साथ स्थानीय इतिहास से भी जुड़ा है। धाम में 12वीं शताब्दी के राजा प्रताप धवल से संबंधित शिलालेख मौजूद है। मंदिर के इतिहास के बारे में प्रधान पुजारियों की ओर से 800 वर्षों का उल्लेख किया गया था। यह उनका बयान है, स्वतंत्र रूप से प्रमाणित ऐतिहासिक निष्कर्ष नहीं।
यह विवरण अप्रैल 2021 की परिस्थितियों को समझाने के लिए है। इसे मंदिर की वर्तमान खुलने या बंद रहने की स्थिति की जानकारी न माना जाए।



