HomeSasaram6. issuesसासाराम जंक्शन से आमदनी रुपैया लेकिन खर्च व् सुविधाएं अठन्नी

सासाराम जंक्शन से आमदनी रुपैया लेकिन खर्च व् सुविधाएं अठन्नी

मॉडल का दर्जा प्राप्त ए श्रेणी के सासाराम रेलवे स्टेशन की आमदनी में पिछले वित्तीय वर्ष में वृद्धि हुई है । आपको जान कर आश्चर्य होगा कि सासाराम रेलवे जंक्शन से सिर्फ यात्री किराया के रूप में रेलवे को 2020 वित्तीय वर्ष में 24.25 करोड़ की आमदनी हुई है ।

यह आमदनी वित्तीय वर्ष 2018-19 की तुलना में अधिक था । चावल व अन्य खाद्य सामग्री को दूसरे शहरों में भेजने में सासाराम रेलवे स्टेशन डीडीयू डिवीजन में अव्वल में रहा है।

तेजी से विकास करने वाला देश का पांचवां रेलवे स्टेशन बना था सासाराम

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देश में तेज गति से विकास करने वाला पांचवा स्टेशन बन गया था सासाराम जंक्शन । स्वच्छ रेल, स्वच्छ भारत सर्वे 2019 की रिपोर्ट में इस स्टेशन को तेज गति से विकास करने वाले देश के टॉप टेन की सूची में शामिल किया गया था । इंप्रुवमेंट रैंकिग में सासाराम को पांचवा स्थान प्राप्त हुआ था ।

सासाराम में आमदनी के हिसाब से सुविधाएं नहीं

सासाराम के शहर वासियों ने रेलवे को छप्पर फाड़कर राजस्व दिया है । लेकिन रेलवे उन्हें उनका हक कभी नहीं दिया । यहां के लोगों कि लंबे समय से राजधानी एक्सप्रेस के ठहराव की मांग रही है । सासाराम से बड़ी संख्या में छात्र तथा वयस्क बैंगलोर और दक्षिण भारत में पढ़ाई और रोजगार के लिए जाते हैं , लेकिन बैंगलोर तक जाने वाली एक भी ट्रेन सासाराम के लिए नहीं है।

हल्की बारिश से डूब गया रेलवे कॉलोनी
हल्की बारिश से डूब गया रेलवे कॉलोनी

रेल कर्मचारियों के आवास खंडहर का रूप धारण कर चुका है । हल्की बारिश से इनके घरों में जल जलमाव होने लगता है । आम यात्रियों को भी रेलवे परिसर में लगे पानी में डूब कर जाना पड़ता है। जलनिकासी की ठोस व्यवस्था नहीं है । कई वर्षों के बित जाने के बाद भी एक्सिलेटर / स्वचालित सीढ़ियों का कार्य पेंडिंग है ।

सासाराम स्टेशन पर एस्केलेटर लगाने में फेल रेलमंत्रालय !! शिलान्यास के 2 .3 वर्ष बाद भी नहीं हुआ ठोस काम

अधिकांस जरूरी ट्रेनें सासाराम के आस पास के स्टेशनों पर रुकती हैं , लेकिन उनसे अधिक राजस्व देने वाले ऐतिहासिक शहर और जिला मुख्यालय सासाराम में नहीं रुकती हैं । आधुनिक सुविधाओं युक्त वेटिंग हॉल, पीने का साफ पानी जैसी अति आवश्यक सुविधाओं से भी सासाराम वासियों को वंचित रखा गया है ।

सासाराम जंक्शन का पिछले 10 वर्षों का रिकॉर्ड देखिए

दस वित्तीय वर्ष की आमदनी (लगभग)

वित्तीय वर्ष यात्रियों की संख्या (लाख में) आमदनी (करोड़ में)
2009- 10 22.07 13.37
2010- 11 22.07 14.35
2011- 12 24.31 14.71
2012- 13 24.27 15.35
2013- 14 22.35 18.85
2014- 15 18.96 20.13
2015- 16 20.16 20.85
2016- 17 21.73 22.55
2017-18 22.01 23.09
2018-19 20.86 24.13
2019-20 (21 मार्च 2020 तक*) 20.28 24.25

सासाराम जंक्शन से आमदनी लगातार सुधरती गई

सासाराम
सासाराम

एक समय ऐसा था कि सासाराम स्टेशन की स्थिति राजस्व के दृष्टिकोण से काफी पीछे /नीचे हुआ करती थी । लेकिन पिछले सात वित्तीय वर्षों से राजस्व में वृद्धि होने के कारण सासाराम रेलवे स्टेशन सबसे अधिक राजस्व देने वाले कई महत्वपूर्ण स्टेशनों की श्रेणी में जगह बना चुका है । कृपया अधिक से अधिक शेयर करके लोगों को अपने हक के लिए जागरूक कीजिये ।

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