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समाज की असली खूबसूरती केवल बड़े आयोजनों और उत्सवों में नहीं, बल्कि उन छोटी-छोटी कोशिशों में भी दिखाई देती है, जिनसे किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान आती है। इसी भावना के साथ वर्ष 2022 में Sasaram Ki Galiyan (सासाराम की गलियां) द्वारा सासाराम के ताराचण्डी धाम स्थित कोल (आदिवासी) बस्ती में एक सामाजिक सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया।
माँ ताराचण्डी का आशीर्वाद प्राप्त करने के पश्चात् हमने बस्ती के बच्चों, महिलाओं, पुरुषों और बुजुर्गों के बीच मिठाइयाँ वितरित कीं। इस पहल का उद्देश्य केवल त्योहार की खुशियाँ बाँटना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों के प्रति अपनापन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना व्यक्त करना भी था। इस कार्यक्रम में मैं, मनीष मौर्या, सुधांशु भारद्वाज और राज कमल जी शामिल हुए।

Table of Contents
1. हमारी पहल: त्योहार की खुशियाँ समाज के हर वर्ग तक पहुँचें
हनुमान जयंती और रामनवमी के अवसर पर हम सभी ने अपने-अपने घरों में खुशियाँ मनाई थीं। लेकिन समाज में ऐसे अनेक जरूरतमंद परिवार भी हैं, जिनके लिए आर्थिक कठिनाइयों के कारण त्योहारों का उत्साह अक्सर फीका पड़ जाता है।
ऑफिस की व्यस्तताओं के कारण हम लोग त्योहार के दिन इस कार्यक्रम का आयोजन नहीं कर पाए थे। लेकिन हमने निश्चय किया था कि जैसे ही समय मिलेगा, जरूरतमंद परिवारों के साथ त्योहार की खुशियाँ जरूर साझा करेंगे। इसी संकल्प के साथ हम ताराचण्डी स्थित आदिवासी बस्ती पहुँचे।
हमारा प्रयास छोटा था, लेकिन इसके पीछे एक महत्वपूर्ण भावना थी कि त्योहार की खुशियाँ किसी एक परिवार या वर्ग तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान, अपनापन और खुशियों में भागीदारी का अवसर मिलना चाहिए।

2. नर सेवा ही नारायण सेवा: हमारी सामाजिक जिम्मेदारी
नर सेवा ही नारायण सेवा है। यह केवल एक धार्मिक या आध्यात्मिक विचार नहीं, बल्कि मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी है।
हमारा मानना है कि प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को अपनी सामर्थ्य के अनुसार समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए समय और धन निकालना चाहिए। जरूरी नहीं कि हर सेवा के लिए बड़ी धनराशि या विशाल आयोजन की आवश्यकता हो। कभी किसी की परेशानी सुनना, कभी किसी जरूरतमंद की मदद करना और कभी किसी के अधिकारों के लिए आवाज उठाना भी समाज सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
गरीब और वंचित परिवारों को केवल आर्थिक सहयोग ही नहीं, बल्कि सम्मान, आत्मीयता और सामाजिक भागीदारी की भी आवश्यकता होती है। हमें उनकी खुशियों और दुखों में समान रूप से शामिल होना चाहिए।

3. मिठाई वितरण के दौरान सामने आई पेयजल से जुड़ी गंभीर जनसमस्या
इस सामाजिक कार्यक्रम के दौरान बस्ती के लोगों से बातचीत में एक महत्वपूर्ण जनसमस्या भी सामने आई। स्थानीय निवासियों ने बताया कि सरकारी पानी की टंकी अथवा मोटर खराब होने पर सरकारी बिजली मिस्त्री द्वारा प्रत्येक घर से 150 रुपए लिए जाते हैं। लोगों ने इस वसूली को अवैध बताया।
इस शिकायत के बाद स्थानीय वार्ड प्रतिनिधियों और मुखिया की भूमिका को लेकर भी हमारे मन में सवाल उठे। हालाँकि, यह स्थानीय निवासियों से प्राप्त जानकारी और हमारी प्रारंभिक चिंता थी। किसी व्यक्ति या पदाधिकारी की जिम्मेदारी निर्धारित करने से पहले संबंधित दस्तावेजों और प्रशासनिक पक्ष की जाँच आवश्यक है।
गरीब परिवारों के सामने आर्थिक बोझ
इन परिवारों के लिए बार-बार 150 रुपए का भुगतान करना आसान नहीं है। जब आर्थिक रूप से संपन्न लोगों को सरकारी मोटर खराब होने पर इस प्रकार भुगतान नहीं करना पड़ता, तो गरीब परिवारों पर यह बोझ क्यों पड़े? यदि कोई शुल्क निर्धारित है, तो उसका स्पष्ट नियम, अधिकृत दर और भुगतान की रसीद उपलब्ध होनी चाहिए।
इस मामले में कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न उठते हैं:
- सरकारी पानी की टंकी और मोटर के रखरखाव की जिम्मेदारी किस विभाग या संस्था की है?
- क्या मोटर की मरम्मत के लिए प्रत्येक परिवार से 150 रुपए लेने का कोई अधिकृत आदेश है?
- यदि शुल्क निर्धारित है, तो क्या लोगों को उसकी रसीद दी जाती है?
- आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की शिकायतों के समाधान की व्यवस्था क्या है?
- स्थानीय निवासियों को नियमित और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कौन जिम्मेदार है?
इन सवालों का समाधान संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन से स्पष्ट जानकारी प्राप्त करके ही संभव है।

4. वैश्विक चिंता: गरीबी, असमानता और सुरक्षित पेयजल
सासाराम की इस आदिवासी बस्ती में सामने आई पेयजल संबंधी शिकायत हमें एक व्यापक सामाजिक मुद्दे की ओर भी ध्यान दिलाती है। गरीबी, बुनियादी सुविधाओं तक असमान पहुँच और सामाजिक वंचना केवल किसी एक क्षेत्र की समस्या नहीं हैं। दुनिया के अनेक देशों में कमजोर आर्थिक स्थिति वाले समुदाय ऐसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र और WHO–UNICEF के वैश्विक आँकड़े
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की अगस्त 2025 में प्रकाशित संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में दुनिया के लगभग 2.1 अरब लोगों के पास सुरक्षित रूप से प्रबंधित पेयजल सेवा उपलब्ध नहीं थी। इसी अवधि में लगभग 3.4 अरब लोगों के पास सुरक्षित रूप से प्रबंधित स्वच्छता सेवाओं की सुविधा नहीं थी।
ये आँकड़े बताते हैं कि सुरक्षित पानी और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता आज भी एक महत्वपूर्ण वैश्विक चुनौती है। आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित समुदायों के लिए इन सुविधाओं तक समान पहुँच सुनिश्चित करना विशेष रूप से आवश्यक है।
स्रोत: WHO–UNICEF Joint Monitoring Programme, 2025। ये वर्ष 2024 के वैश्विक आँकड़े हैं, जिन्हें 2022 के हमारे स्थानीय सेवा कार्यक्रम का प्रत्यक्ष सर्वेक्षण या परिणाम नहीं माना जाना चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र ने स्वच्छ पेयजल को मानवाधिकार माना है
28 जुलाई 2010 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रस्ताव संख्या 64/292 के माध्यम से सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता को मानवाधिकार के रूप में मान्यता दी थी। इसका मूल संदेश है कि प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छ, सुलभ और किफायती पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals) में भी गरीबी उन्मूलन (SDG 1), स्वच्छ जल और स्वच्छता (SDG 6) तथा असमानताओं में कमी (SDG 10) को प्रमुख स्थान दिया गया है।
इन वैश्विक उद्देश्यों का स्थानीय स्तर पर भी महत्व है। जरूरतमंद परिवारों की समस्याओं को समझना, उनकी आवाज को संबंधित संस्थाओं तक पहुँचाना और बुनियादी सुविधाओं के लिए जवाबदेही की माँग करना सामाजिक भागीदारी के महत्वपूर्ण रूप हैं।
संदर्भ: United Nations General Assembly – Human Right to Water and Sanitation | UN Sustainable Development Goal 6

5. सरकारी योजनाओं के साथ स्थानीय जवाबदेही भी जरूरी
भारत सरकार के जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं में ग्रामीण परिवारों तक पेयजल पहुँचाने के साथ जलापूर्ति व्यवस्था के संचालन, रखरखाव और सामुदायिक भागीदारी को भी महत्व दिया गया है। ग्राम पंचायत और पानी समितियों की भूमिका भी इस व्यवस्था का हिस्सा हो सकती है।
हालाँकि, ताराचण्डी की संबंधित बस्ती में पानी की टंकी किस सरकारी योजना अथवा विभाग के अंतर्गत आती है, इसकी पुष्टि आवश्यक है। उसी आधार पर मरम्मत की जिम्मेदारी, अधिकृत शुल्क और शिकायत निवारण की प्रक्रिया स्पष्ट की जा सकती है।
किसी योजना का लाभ केवल उसके निर्माण से नहीं, बल्कि उसके सही संचालन और आम नागरिकों तक वास्तविक सुविधाएँ पहुँचने से सुनिश्चित होता है। इसलिए सरकारी संस्थाओं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के बीच संवाद तथा पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है।
संदर्भ: जल जीवन मिशन – ग्राम पंचायत और पानी समितियों की भूमिका
6. Sasaram Ki Galiyan: हमारा उद्देश्य केवल सेवा नहीं, जनसमस्याओं को उठाना भी है
Sasaram Ki Galiyan इस जनसमस्या को लेकर चिंतित और गंभीर है। हमारा मानना है कि यदि इन परिवारों की पेयजल संबंधी समस्या का स्थायी समाधान हो जाए, तो यह मिठाइयाँ बाँटने से भी बड़ी सेवा होगी।
इस कार्यक्रम के माध्यम से हमने जरूरतमंद परिवारों के साथ खुशियाँ साझा कीं, स्थानीय लोगों की शिकायतें सुनीं और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों से बात करने का निर्णय लिया। उस समय हमारी योजना थी कि शनिवार और रविवार को ऑफिस से छुट्टी मिलने पर इस मामले को आगे उठाया जाएगा।
समाज सेवा के साथ सम्मान और संवेदनशीलता
ताराचण्डी धाम के आस-पास रहने वाले इन जरूरतमंद परिवारों का जीवन कठिनाइयों से भरा है। इसके बावजूद कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों का व्यवहार अच्छा और सहयोगपूर्ण रहा। किसी प्रकार की छीना-झपटी, गाली-गलौज या झगड़े जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।
हम मानते हैं कि किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति उसकी गरिमा या सम्मान का आधार नहीं हो सकती। जरूरतमंद परिवारों के प्रति हमारा व्यवहार सहानुभूति के साथ-साथ समानता, सम्मान और आत्मीयता पर आधारित होना चाहिए।

7. सासारामवासियों से अपील: सामाजिक बदलाव में अपनी भागीदारी निभाएँ
साथियों, समाज में सकारात्मक बदलाव केवल सरकार, प्रशासन या किसी संस्था के प्रयासों से नहीं आता। इसके लिए हम सभी नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।
हम अपने आसपास जरूरतमंद परिवारों की समस्याओं को समझ सकते हैं, अपनी क्षमता के अनुसार सहायता कर सकते हैं और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों को उचित माध्यम से संबंधित अधिकारियों तक पहुँचा सकते हैं। जहाँ आवश्यक हो, वहाँ दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर जवाबदेही की माँग कर सकते हैं।
किसी परिवार की मदद केवल आर्थिक सहयोग से ही नहीं होती। कभी समय देना, कभी सही जानकारी उपलब्ध कराना और कभी किसी की जायज समस्या को प्रशासन तक पहुँचाना भी बहुत उपयोगी साबित हो सकता है।
हमारा आग्रह है कि अपने त्योहारों, खुशियों और उपलब्धियों में समाज के उन लोगों को भी शामिल करें, जिनके पास संसाधन सीमित हैं। सेवा करते समय उनकी गरिमा, निजता और आत्मसम्मान का विशेष ध्यान रखें।
8. वित्तीय पारदर्शिता: आपके सहयोग की राशि का उपयोग नहीं किया गया
महत्वपूर्ण नोट: साथियों, इस कार्यक्रम में आपके द्वारा सहयोग के रूप में दिए गए पैसों में से एक भी रुपया खर्च नहीं किया गया था। हमने अपनी सैलरी से इस पूरे कार्यक्रम का आयोजन किया था।
13 नवंबर 2020 को हमने सार्वजनिक रूप से बताया था कि आपके द्वारा दी गई सहयोग राशि में से 4,511 रुपए शेष बचे थे। इस कार्यक्रम के समय भी हमने बताया था कि वह राशि सुरक्षित थी और मिठाई वितरण में उसका उपयोग नहीं किया गया था। यह विवरण उस समय की वित्तीय स्थिति से संबंधित है।
यदि आप सहयोग राशि का पिछला हिसाब देखना चाहते हैं, तो यहाँ क्लिक करके आय-व्यय का पूरा विवरण पढ़ सकते हैं।
9. हमारा संदेश: खुशियाँ बाँटने के साथ समस्याओं का समाधान भी जरूरी
इस सेवा कार्यक्रम ने एक महत्वपूर्ण बात की ओर हमारा ध्यान दिलाया कि समाज सेवा केवल किसी विशेष दिन भोजन, मिठाई या कपड़े वितरित करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। जरूरतमंद परिवारों की वास्तविक परेशानियों को सुनना, उन्हें समझना और उनके समाधान की दिशा में जिम्मेदार प्रयास करना भी उतना ही आवश्यक है।
हमारे छोटे-से प्रयास से किसी परिवार के जीवन की सभी कठिनाइयाँ दूर नहीं हो सकतीं। लेकिन यदि हमारी पहल से किसी जनसमस्या पर प्रशासन का ध्यान जाए, किसी जरूरतमंद को उचित सहायता मिले या समाज का कोई व्यक्ति दूसरों के लिए आगे आने को प्रेरित हो, तो यह प्रयास सार्थक होगा।
क्योंकि समाज की असली प्रगति केवल कुछ लोगों की खुशहाली में नहीं, बल्कि इस बात में भी है कि सबसे जरूरतमंद व्यक्ति तक सम्मान, अवसर और बुनियादी सुविधाएँ पहुँचें।
आइए, अपनी खुशियों में दूसरों को भी शामिल करें और जहाँ संभव हो, जरूरतमंदों की समस्याओं के समाधान के लिए मिलकर प्रयास करें।
नर सेवा ही नारायण सेवा है।
Sasaram Ki Galiyan | सासाराम की गलियां
सासाराम की आवाज, समाज के साथ।
संपादकीय जानकारी: यह लेख वर्ष 2022 के वास्तविक सामाजिक सेवा कार्यक्रम पर आधारित है। इसमें प्रयुक्त 2025 की अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के आँकड़े बाद में जोड़े गए वैश्विक संदर्भ हैं। स्थानीय शिकायत को आरोप के रूप में प्रस्तुत किया गया है, न कि प्रमाणित निष्कर्ष के रूप में।


