हिंदुस्तान की प्रथम महिला आईपीएस अधिकारी, पांडिचेरी की उपराज्यपाल, महिला सशक्तीकरण की प्रतीक और करोड़ों देशवासियों की प्रेरणास्रोत डॉ. किरण बेदी जी सासाराम के लोगों से बातचीत करने के लिए Sasaram Ki Galiyan के फेसबुक पेज पर लाइव आ रही हैं। इस विशेष कार्यक्रम का विषय होगा “People’s Participation in Nation Building” (राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी)।
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कब आएंगी लाइव?
गुरुवार, दिनांक 1 अक्टूबर 2020 को शाम 4 बजकर 58 मिनट पर डॉ. किरण बेदी जी लाइव आएंगी।
मैं कैसे जुड़ सकता हूं?
लाइव कार्यक्रम देखने के लिए 1 अक्टूबर को शाम 4 बजकर 58 मिनट पर फेसबुक खोलकर Sasaram Ki Galiyan के आधिकारिक पेज पर पहुंचना होगा। इस पेज के माध्यम से आप लाइव कार्यक्रम से जुड़ सकते हैं।
कौन हैं डॉ. किरण बेदी जी?
डॉ. किरण बेदी जी देश की पहली महिला आईपीएस अधिकारी हैं और फिलहाल पांडिचेरी की उपराज्यपाल (लेफ्टिनेंट गवर्नर) हैं।
उल्लेखनीय है कि केंद्रशासित प्रदेशों अर्थात यूनियन टेरिटरी में मुख्यमंत्री के स्थान पर राज्यपाल होने का प्रावधान है। हालांकि, पांडिचेरी और दिल्ली इसके अपवाद हैं। ये अर्ध-राज्य भी हैं, क्योंकि केंद्रशासित प्रदेश होने के बावजूद यहां मुख्यमंत्री भी होते हैं। इसलिए यहां उपराज्यपाल होने का प्रावधान है।
डॉ. किरण बेदी जी का जीवन परिचय क्या है?

1949: अमृतसर में जन्म।
1966: नेशनल जूनियर टेनिस चैंपियन।
1968: लगातार चार वर्षों तक बेस्ट एनसीसी कैडेट ऑफिसर अवॉर्ड।
1970: पॉलिटिकल साइंस की लेक्चरर बनीं।
1972: विवाह।
1972: भारत की प्रथम महिला आईपीएस अधिकारी बनीं।
1972: एशियन लॉन टेनिस चैंपियन।
1974: नेशनल टेनिस हार्ड कोर्ट चैंपियन।
1975: गणतंत्र दिवस परेड में पुरुष सैन्य दल का नेतृत्व करने वाली भारत की प्रथम महिला बनीं।
1976: नेशनल वुमेंस लॉन टेनिस चैंपियन।
1978: दिल्ली में हिंसक संघर्ष रोकने में अग्रणी भूमिका निभाई।
1979: दिल्ली में 200 वर्षों से चले आ रहे अवैध नशीले पदार्थों के व्यापार को ध्वस्त किया।
1980: वीरता के लिए ‘राष्ट्रपति पुलिस पदक’ से सम्मानित हुईं।
1980: वुमन ऑफ द ईयर अवॉर्ड प्राप्त किया।
1981: पुलिस बीट बॉक्स और पुलिस बीट सिस्टम को पुनर्जीवित किया।
1982: ‘क्रेन बेदी’ की उपाधि प्राप्त हुई।
1986: देश के आठ पुलिस थानों में नवज्योति नशामुक्ति केंद्रों की स्थापना की।
1988: दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री प्राप्त की।
1991: नॉर्वे द्वारा एशियन रीजनल अवॉर्ड फॉर ड्रग प्रिवेंशन एंड कंट्रोल से सम्मानित हुईं।
1993: आईआईटी दिल्ली से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।
1993: तिहाड़ जेल को आश्रम में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया।
1994: एशिया का नोबेल कहा जाने वाला प्रतिष्ठित ‘रेमन मैग्सेसे पुरस्कार’ प्राप्त किया।
1994: कैदियों के सुधार और बाल शिक्षा के लिए ‘इंडिया विजन फाउंडेशन’ संस्था की स्थापना की।
1995: सामुदायिक सेवा के लिए ‘लायंस ऑफ द ईयर’ पुरस्कार प्राप्त किया।
2004: उत्कृष्ट सेवा के लिए संयुक्त राष्ट्र पदक प्राप्त किया।
2005: जेल और दंड प्रणाली में सुधार के लिए ‘मदर टेरेसा मेमोरियल राष्ट्रीय पुरस्कार’ प्राप्त किया।
2006: ‘द वीक’ द्वारा देश की सबसे अधिक प्रशंसित महिला होने का गौरव प्राप्त हुआ।
2008: बहुचर्चित टीवी शो ‘आपकी कचहरी, किरण के साथ’ की मेजबानी की।
2008: रेडियो कार्यक्रमों की मेजबानी की।
2008: ई-पोर्टल ‘सफर इंडिया’ का शुभारंभ किया।
2009: ऑस्ट्रेलियाई फिल्म निर्माता द्वारा डॉ. किरण बेदी पर बनाई गई बायोपिक ‘यस मैडम, सर’ को बेस्ट डॉक्यूमेंट्री अवॉर्ड मिला।
2011: ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ अर्थात अन्ना आंदोलन में प्रमुख नेतृत्वकर्ता की भूमिका निभाई।
2013: नोमुरा केयर्स अवॉर्ड प्राप्त किया।
2014: सामाजिक प्रभाव के लिए ‘लॉरियल पेरिस फेमिना महिला पुरस्कार’ प्राप्त किया।
2015: दिल्ली विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार बनीं।
2016: ‘मिशन स्वच्छ पांडिचेरी’, ‘मिशन प्रॉस्पेरस पांडिचेरी’ और ‘मिशन वॉटर रिच पांडिचेरी’ का शुभारंभ किया।
2020: लॉकडाउन के दौरान पांडिचेरी में अवैध नशीले पदार्थों और शराब के व्यापार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की।
नोट: डॉ. किरण बेदी जी की उपलब्धियों की सूची इससे कहीं अधिक लंबी है। हमने यहां उनके जीवन और कार्यकाल के कुछ अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ावों को ही शामिल किया है।
डॉ. किरण बेदी से संबंधित वीडियो देखें


